प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है। यह योजना किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ अब उन्हें डिजिटल पहचान भी दे रही है। भारत सरकार की यह पहल किसानों को न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत कर रही है, बल्कि तकनीकी रूप से भी उन्हें आगे बढ़ा रही है।
योजना की शुरुआत
PM-KISAN योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की राशि तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारना है।
डिजिटल पहचान से कैसे हो रहा फायदा?
अब सरकार इस योजना के तहत किसानों को डिजिटल पहचान देने की ओर भी कदम बढ़ा रही है। डिजिटल पहचान से तात्पर्य है कि किसानों की पूरी जानकारी एक डिजिटल डेटाबेस में सुरक्षित रहेगी, जिससे सरकार को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुँचे।
डिजिटल लाभ के फायदे:
- पारदर्शिता – लाभ सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होता है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाती है।
- सटीक आंकड़े – सरकार को यह जानकारी मिलती है कि कितने किसान योजना का लाभ ले रहे हैं।
- तेज़ प्रक्रिया – किसी भी योजना का लाभ जल्दी और सही समय पर मिल जाता है।
- फर्जीवाड़ा रोकथाम – एक ही व्यक्ति द्वारा कई बार लाभ लेने की कोशिश को रोका जा सकता है।
अब तक 6.1 करोड़ किसानों को मिला लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6.1 करोड़ से ज़्यादा किसानों को डिजिटल पहचान के माध्यम से PM-KISAN योजना का लाभ मिल चुका है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि यह दिखाता है कि योजना किस हद तक सफल रही है।
इन किसानों को कैसे मिला लाभ?
किसानों को लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- किसान का नाम योजना के पोर्टल पर रजिस्टर होना चाहिए।
- बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
- eKYC प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
- जमीन का रिकॉर्ड अपलोड होना चाहिए।
eKYC है अनिवार्य
अब सरकार ने योजना के तहत eKYC को अनिवार्य कर दिया है। यानी किसान को अपने आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक करवाकर OTP के ज़रिए eKYC करवानी होती है। इससे उनकी पहचान प्रमाणित हो जाती है और उन्हें समय पर किस्त मिल जाती है।
अगर कोई किसान eKYC नहीं करवाता है, तो अगली किस्त उसके खाते में नहीं आएगी। सरकार ने इसके लिए CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) और मोबाइल ऐप की सुविधा भी दी है।
योजना के मुख्य लाभ
| लाभ | विवरण |
| वार्षिक सहायता | ₹6,000 सीधे खाते में |
| भुगतान की विधि | DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) |
| डिजिटल पहचान | आधार आधारित सत्यापन |
| पारदर्शिता | भ्रष्टाचार से मुक्त प्रक्रिया |
| eKYC | आवश्यक, OTP आधारित |
राज्य सरकारों की भूमिका
PM-KISAN योजना को सफल बनाने में राज्य सरकारों की भूमिका भी अहम रही है। वे किसानों का रजिस्ट्रेशन, ज़मीन के दस्तावेज़ों की पुष्टि और डाटा अपडेट करने में सहयोग कर रही हैं।
आने वाले समय में क्या है योजना?
सरकार अब इस योजना को और प्रभावी बनाने की कोशिश में है। आने वाले समय में:
- योजना को AI और डिजिटल मैपिंग से जोड़ा जा सकता है।
- किसानों के लिए मोबाइल एप पर सभी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
- सभी किसानों को यूनिक ID देने की योजना पर काम हो रहा है।
निष्कर्ष
PM-KISAN योजना सिर्फ एक आर्थिक सहायता योजना नहीं है, बल्कि यह किसानों को डिजिटल भारत से जोड़ने का माध्यम भी बन चुकी है। 6.1 करोड़ से ज़्यादा किसानों को इसका लाभ मिलना यह साबित करता है कि सरकार की यह योजना किसानों की ज़रूरतों को समझते हुए बनाई गई है। अब किसानों को ज़रूरत है कि वे समय पर अपनी जानकारी अपडेट रखें और eKYC जरूर करवाएं, ताकि उन्हें आने वाले समय में भी इसका पूरा लाभ मिलता रहे।